विश्व बैंक की पहल ‘महास्ट्राईब’ में सांगली जिले ने 82 प्रतिशत अंक हासिल करते हुए राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं पुणे विभाग में जिले ने तीसरा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के लिए राज्य सरकार ने सांगली जिले को 16 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन अनुदान मंजूर किया है।
राज्य के नियोजन विभाग के अंतर्गत संचालित इस पहल में सांगली जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील के नेतृत्व में तथा तत्कालीन जिलाधिकारी अशोक काकडे के कार्यकाल के दौरान कृषि, उद्योग, पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए विभिन्न उपक्रम चलाए गए। जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल निधि खर्च करने के बजाय नवीन और अभिनव परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई।
वर्ष 2047 तक के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए विकास आराखड़े के माध्यम से इन उद्देश्यों को हासिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसलिए राज्य सरकार की ओर से मंजूर किया गया 16 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन अनुदान सांगली के विकास को नई दिशा देने वाला है, ऐसा तत्कालीन जिलाधिकारी अशोक काकडे ने स्पष्ट किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिले को मिले इस स्थान और प्रोत्साहन अनुदान पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना की है।
इस पूरी प्रक्रिया में विशेष रूप से किसानों के हितों को केंद्र में रखा गया है। किसानों के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में हाल ही में मिरज से दिल्ली तक कृषि ट्रेन शुरू की गई है।
सांगली जिले का मिरज शहर ऐतिहासिक और चिकित्सा क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान रखता है। इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘मेडिकल पंढरी’ के रूप में भी पहचान मिली है। यहां स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, वानलेस अस्पताल तथा सैकड़ों निजी अस्पतालों के माध्यम से मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिरज को मेडिकल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
जिले के पर्यटन क्षेत्र के विकास को भी अब नई गति मिलने की उम्मीद है। सांगली जिले में लगभग 12 गढ़-किलों के संरक्षण के साथ-साथ अनेक प्राचीन धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर दिया जाएगा। कृष्णा-वारणा नदी घाटी के विस्तृत क्षेत्र तथा ग्रामीण इलाकों के विकास के माध्यम से जिले की आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा लंबे समय से लंबित विमानतल का प्रश्न भी महत्वपूर्ण है। विमानतल के विकास से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति देने में नई ऊर्जा मिल सकती है। सांगली जिले में वर्तमान में लगभग 61 करोड़ रुपये की निजी निवेश परियोजनाएं रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती हैं।
कुल मिलाकर, ‘महास्ट्राईब’ में सांगली जिले की यह उपलब्धि विकास, नवाचार, कृषि, पर्यटन, चिकित्सा और उद्योग क्षेत्र में जिले को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।